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Tuesday, 8 October 2013

भाग्य जगा देते हैं नवरात्रि में घी व शहद के ये चमत्कारी उपाय


Photo: भाग्य जगा देते हैं नवरात्रि में घी व शहद के ये चमत्कारी उपाय
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हिन्दू धर्म परंपराओं में साल की 4 नवरात्रियां शक्ति या देवी पूजा का विशेष काल है। इसी कड़ी में शनिवार (5 अक्टूबर) से शुरू शारदीय नवरात्रि में नवदुर्गा पूजा के रूप में हर दिन देवी के अलग स्वरूप व शक्ति के स्मरण का विधान है। नौ दिनों में कई तरह की पूजा के जरिए माता को प्रसन्न किया जाता है। इसमें खासतौर पर शास्त्रों में नवरात्रि में हर दिन व तिथि पर कुछ ऐसी चीजों से देवी पूजा के बहुत ही आसान उपाय भी बताए गए हैं, जो किसी भी भक्त के लिए सुलभ है व खुशहाली की हर चाहत पूरी करने का सस्ता जरिया भी।
 
जानिए शास्त्रों में बताए तिथि विशेष के मुताबिक मुराद पूरी करने वाली ये चीजें और उनसे किए जाने वाले देवी उपासना के उपाय, जो साल की हर नवरात्रि में करना भी मंगलकारी सिद्ध होते हैं - 

हिन्दू पंचाग के मुताबिक शुक्ल पक्ष से शुरू होने वाली नवरात्रि की प्रतिपदा से लेकर नवमी सहित नौ तिथियों में देवी को विशेष चीजों का भोग लगाने और ये ही भोग दरिद्रों को दान करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है और उसका परिवार दीर्घायु व खुशहाल होता है। जानिए किस पूजा उपाय के साथ नवरात्रि में किस दिन किस तरह का भोग लगाकर माता के आवाहन से कामनासिद्ध की जा सकती है -  
 
- इस उपाय को करने से पहले देवी उपासना के लिए पवित्र भावों के संकल्प के साथ सुबह स्नान कर किसी देवी मन्दिर में नीचे लिखे देवी मंत्र से देवी का ध्यान कर देवी की पूजा में लाल चंदन, लाल अक्षत, लाल वस्त्र, सुहाग की वस्तुएं और लाल फूल अर्पित करें -
 
सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वित:।
मनुष्यों मत्प्रसादेन भविष्यति न संशय।। 
 
पूजा व मंत्र स्मरण के बाद देवी को यहां दिन के मुताबिक बताई जा रही चीजों का भोग लगाकर देवी की आरती के बाद उसका कुछ हिस्सा स्वयं ग्रहण करें व कुछ दान ब्राह्मणों या फिर गरीबों को कर दें -

- प्रतिपदा को माता की घी का भोग लगाने से तथा उसका दान करने से रोगी को कष्टों से मुक्ति मिलती है तथा वह निरोगी होता है। 
- आज द्वितीया तिथि है, इस शुभ रात्रि में माता को शक्कर का भोग लगाने तथा उसका दान करने से देवी प्रसन्न होती हैं और साधक को दीर्घायु प्राप्त होती है।
- तृतीया को दूध चढ़ाकर दान करने से सभी तरह के दुखों से मुक्ति मिलती है।
 
किसी वजह से, किसी भी तिथि विशेष का उपाय चूकने पर उसे अगली तिथि या नवरात्रि के आखिरी दिन यानी नवमी पर कर मंगल कामनाएं करना भी फलदायी ही बताया गया है। 

- चतुर्थी को मालपुआ चढ़ाकर दान करने से सभी प्रकार की समस्याएं अपने आप ही समाप्त हो जाती है।
- पंचमी को केले का भोग लगाकर दान करने से बुद्धि का विकास होता है।
- षष्ठी को शहद का भोग लगाने तथा उसका दान से व्यक्तित्व का विकास होता है और भाग्यबाधा दूर हो जाती है।
- सप्तमी को गुड़ की वस्तुओं का भोग लगाने व दान करने से दरिद्रता का नाश होता है।
- अष्टमी  को नारियल का भोग लगाकर दान करने से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
- नवमी को अलग-अलग तरह के अन्नों को अर्पित करने व दान करने से लोक परलोक में आनंद व वैभव मिलता है
हिन्दू धर्म परंपराओं में साल की 4 नवरात्रियां शक्ति या देवी पूजा का विशेष काल है। इसी कड़ी में शनिवार (5 अक्टूबर) से शुरू शारदीय नवरात्रि में नवदुर्गा पूजा के रूप में हर दिन देवी के अलग स्वरूप व शक्ति के स्मरण का विधान है। नौ दिनों में कई तरह की पूजा के जरिए माता को प्रसन्न किया जाता है। इसमें खासतौर पर शास्त्रों में नवरात्रि में हर दिन व तिथि पर कुछ ऐसी चीजों से देवी पूजा के बहुत ही आसान उपाय भी बताए गए हैं, जो किसी भी भक्त के लिए सुलभ है व खुशहाली की हर चाहत पूरी करने का सस्ता जरिया भी।

जानिए शास्त्रों में बताए तिथि विशेष के मुताबिक मुराद पूरी करने वाली ये चीजें और उनसे किए जाने वाले देवी उपासना के उपाय, जो साल की हर नवरात्रि में करना भी मंगलकारी सिद्ध होते हैं -

हिन्दू पंचाग के मुताबिक शुक्ल पक्ष से शुरू होने वाली नवरात्रि की प्रतिपदा से लेकर नवमी सहित नौ तिथियों में देवी को विशेष चीजों का भोग लगाने और ये ही भोग दरिद्रों को दान करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है और उसका परिवार दीर्घायु व खुशहाल होता है। जानिए किस पूजा उपाय के साथ नवरात्रि में किस दिन किस तरह का भोग लगाकर माता के आवाहन से कामनासिद्ध की जा सकती है -

- इस उपाय को करने से पहले देवी उपासना के लिए पवित्र भावों के संकल्प के साथ सुबह स्नान कर किसी देवी मन्दिर में नीचे लिखे देवी मंत्र से देवी का ध्यान कर देवी की पूजा में लाल चंदन, लाल अक्षत, लाल वस्त्र, सुहाग की वस्तुएं और लाल फूल अर्पित करें -

सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वित:।
मनुष्यों मत्प्रसादेन भविष्यति न संशय।।

पूजा व मंत्र स्मरण के बाद देवी को यहां दिन के मुताबिक बताई जा रही चीजों का भोग लगाकर देवी की आरती के बाद उसका कुछ हिस्सा स्वयं ग्रहण करें व कुछ दान ब्राह्मणों या फिर गरीबों को कर दें -

- प्रतिपदा को माता की घी का भोग लगाने से तथा उसका दान करने से रोगी को कष्टों से मुक्ति मिलती है तथा वह निरोगी होता है।
- द्वितीया शुभ रात्रि में माता को शक्कर का भोग लगाने तथा उसका दान करने से देवी प्रसन्न होती हैं और साधक को दीर्घायु प्राप्त होती है।
- तृतीया को दूध चढ़ाकर दान करने से सभी तरह के दुखों से मुक्ति मिलती है।

किसी वजह से, किसी भी तिथि विशेष का उपाय चूकने पर उसे अगली तिथि या नवरात्रि के आखिरी दिन यानी नवमी पर कर मंगल कामनाएं करना भी फलदायी ही बताया गया है।

- चतुर्थी को मालपुआ चढ़ाकर दान करने से सभी प्रकार की समस्याएं अपने आप ही समाप्त हो जाती है।
- पंचमी को केले का भोग लगाकर दान करने से बुद्धि का विकास होता है।
- षष्ठी को शहद का भोग लगाने तथा उसका दान से व्यक्तित्व का विकास होता है और भाग्यबाधा दूर हो जाती है।
- सप्तमी को गुड़ की वस्तुओं का भोग लगाने व दान करने से दरिद्रता का नाश होता है।
- अष्टमी को नारियल का भोग लगाकर दान करने से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
- नवमी को अलग-अलग तरह के अन्नों को अर्पित करने व दान करने से लोक परलोक में आनंद व वैभव मिलता है