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Monday, 30 September 2013

पुस्तकों की आवाज

दोस्तों आज हम किताबो को भूल कर कंप्यूटर लैपटॉप पर ज्यादा ध्यान दे रहे है हमारी किताबे (पुस्तकें) हमसे कुछ कह रही है जो एककविता के माध्यम से पेश कर रहा हु. 

पुस्तकें चाहती है, करना बातें,
आज की, कल की, बीते जमानों की, एक एक पल की
पुस्तकें कुछ कहना चाहती हैं,
हमारे पास रहना चाहती हैं।
पुस्तकें जीवन महकाती हैं।
पुस्तकों में खेती लहलहाती है।
पुस्तकों में तकनीकी का राज है,
पुस्तकों में विज्ञान की आवाज है।

पुस्तकों में ज्ञान का भंडार है,
पुस्तकों में संस्कृति महान है।
पुस्तकों में राम का चरित्र महान है,
पुस्तकों में कृष्ण की लीलाओं का बखान है।
पुस्तकें हमें कुछ देना चाहती हैं,
पुस्तकें हमारे पास रहना चाहती हैं।